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क्वांटम कंप्यूटर in hindi

क्वांटम कंप्यूटर ( Quantum Computer ) के बारे में तो आपने कही ना कही से सुना ही होगा जो की Technology के क्षेत्र में आज एक चर्चा का विषय हैं. जब से computer का आविष्कार हुआ हैं तब से ही हम इनके size को छोटा और इनके क्षमता को बेहतर बनाते जा रहे हैं.

इसका उदाहरण आज के Smartphone हैं जो 50 साल पहले का Military computer जो की एक कमरे के size का था उस से भी ज्यादा ताक़तवर हैं. इससे आपको पता चल गया होगा की technology कितने तेजी से आगे बड़ा है. इसके बावजूद हमारे आज के computers जीने Classic computers भी कहा जाता हैं इनमें कुछ Limitation हैं इनके common limitation की बात करे तो इनके speed, storage और power Consumption हैं.

इसी समस्या को हल करने के लिए Google, IBM और D-Wave जैसे Companies ने Quantum Physics के सिधांत का इस्तेमाल करके computer को बनाया हैं और इसका test भी Successful रहा है. 

हांलाकि क्वांटम कंप्यूटर ( Quantum Computer ) अभी अपने शुरूआती दौर पर हैं. हो सकता हैं की 2030 तक क्वांटम कंप्यूटर का इस्तेमाल होना पूर्ण रूप से शुरू हो जाए. लेकिन यह कंप्यूटर हमारे वर्तमान Classic Computers  जिसमें supercomputers भी शामिल हैं इन से अलग होगा और हमारे आज के computers से बहुत ही ज्यादा Fast Computing processing कर पायेंगा.

इस कंप्यूटर के Computing power के सामने हमारे आज के supercomputer मुकाबला नहीं कर सकेंगे

यही बात क्वांटम कंप्यूटर को खास बनाता हैं. इस computer के मदद से हम development के कही सरे कदम एक ही साथ ले पाएंगे जिससे हमारा पूरी दुनिया तेज़ी से बदल जायेगा.  

क्वांटम कंप्यूटर ( Quantum Computer ) का विषय थोड़ा जटिल तो हैं. लेकिन आपको चिंता करने की कोई ज़रुरत नहीं हैं क्योंकि अपने इस लेख में आपको मैं इसे आसान भाषा में समझाऊंगा और इसके बारे में पूरी जानकारी दूँगा. लेकिन आपको भी इस जानकारी को पूरा जानने के लिए इस Article को अंत तक पड़ना पड़ेगा.

तो आइए जानते हैं क्वांटम कंप्यूटर क्या हैं ( what is Quantum Computer in Hindi ) और यह computer हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों हैं.

क्वांटम कंप्यूटर का इतिहास

किसी भी जानकारी को जानने से पहले हमें उसका इतिहास जानना बहुत ज़रूरी हैं क्योंकि इतिहास हमे बहुत कुछ सिखाता हैं और उस विषय की जानकारी को समझने में मदद करता हैं तो आइए क्वांटम कंप्यूटर का इतिहास क्या हैं जानते हैं.

 1959

  Richard Feynman ने गणना करने के लिए क्वांटम प्रभावों का इस्तेमाल किया जाने वाले संभावनाओं को पेश किया था.

1980

भौतिक वैज्ञानिक Paul benioff ने Turing machine के क्वांटम mechanical model  का प्रस्ताव रखा. Richard Feynman और Yuri mainin ने बाद में बताया कि क्वांटम कंप्यूटर में उन चीजों को भी simulate करने की क्षमता हैं जो की Classic Computer में  संभव नहीं हैं.

1985

Oxford University के professor David Diction ने एक Universal क्वांटम कंप्यूटर के लिए क्वांटम Logic gates का निर्माण और वर्णन किया था.

1993

छह वैज्ञानिक के एक International Team ने साबित किया की Quantum Teleportation संभव हैं.

1994 

Peter shor ने  क्वांटम एल्गोरिथम की खोज की जो एक क्वांटम कंप्यूटर को बड़े पूर्णांकों को सबसे प्रसिद्ध Classic Algorithm के तुलना में तेजी से कारक बनाने की अनुमति देता हैं.

2009

Yale ने पहला Solid-state processor बनाया जो की 2 qubit superconducting chip हैं.

2011

Australia और जापान के वैज्ञानिकों ने क्वांटम teleportation में सफलता हासिल किया और क्वांटम data को पूरी तरह से सफलतापूर्वक transmission करके दिखाया. इसी वर्ष में D-wave ने पहला Commercial क्वांटम annealer का घोषणा किया.

2012

चीन के University of Science and Technology के वैज्ञानिकों द्वारा microscopic object के एक दुसरे के साथ क्वांटम teleportation की सुचना दी गई.

2013

Google ने क्वांटम AI lab launch करने की घोषणा की.

2015

Nasa ने सार्वजनिक रूप से दुनिया का पहला परिचालित क्वांटम कंप्यूटर, D-wave सिस्टम प्रदर्शित किया.

2016

IBM के researchers ने घोषणा किया की पहली बार Cloud के माध्यम से क्वांटम कंप्यूटिंग को सार्वजानिक किया जा रहा हैं.

2017

IBM के वैज्ञानिकों के द्वारा सफलतापूर्वक 49-qubit के barrier को तोड़ दिया गया.

2018  

Intel, Google, और  Ibm सभी ने 50, 49 और 72 qubits वाले क्वांटम processor का सफलतापूर्वक  परीक्षण किया.

2019

23 october को Google ने सफलतापूर्वक क्वांटम supremacy को हासिल किया और क्वांटम कंप्यूटर के development में एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया.

क्वांटम कंप्यूटर क्या हैं?(what is Quantum Computer in hindi)

क्वांटम कंप्यूटर क्या हैं? what is Quantum Computer in hindi
क्वांटम कंप्यूटर

क्वांटम कंप्यूटर ( Quantum Computer) ऐसे कंप्यूटर होते हैं जो की data को store और गणना करने के लिए Quantum Physics के गुणों का इस्तेमाल करता है. (Quantum Physics का मतलब हैं जो physics atom, Electron, proton और neutron को समझाता हो उसे हम Quantum Physics कहते हैं).

 एक क्वांटम कंप्यूटर में सबसे छोटी मात्रक Atom होता हैं. यह Atom Naturally सूक्ष्म Calculator हैं वैज्ञानिको ने जब इन Atoms को अध्ययन किया तब वे समझे की Atom से calculation किया जा सकता हैं और फिर क्वांटम कंप्यूटर के निर्माण के बारे में सोचा गया.

बहुत फ़ायदेमंद होता हैं यह क्वांटम कंप्यूटर एक test में तो यह हमारे सबसे fastest supercomputer से भी बेहतर Calculation कर चुका हैं.

Classic computer जिसमे smartphone laptop और desktop शामिल हैं जो की binary digits यानि bits में जानकारी को समझता हैं. जो या तो 0 या 1 हो सकता हैं वही एक एक क्वांटम कंप्यूटर जानकारी को Quantum bits यानि Qubits में समझता हैं जो की एक ही बरी में  0 या 1 या 0 1 दोनों हो सकते हैं मतलब क्वांटम कंप्यूटर classic computer ज्यादा तेज़ काम करता हैं तो आइए bits और Qubits को विस्तार में जानते है.

  •  Bits (Binary Digits in Classic Computer)

क्वांटम कंप्यूटर के qubits के बारे में जाने से पहले bits के बारे में सामान्य जानकारी जानना ज़रूरी हैं इसलिए bits के जानकारी को ध्यान से पढ़े.

आम तौर पर जो computer, laptop, smartphone और tablet को हम इस्तेमाल करते हैं उन्हें  binary computer भी कहा जाता हैं क्योंकि इनमें जो भी Functionality होते हैं वे 0 या 1 फॉर्म में based होता हैं.

क्वांटम कंप्यूटर क्या हैं? what is Quantum Computer in hindi
binary bits

एक binary computer में किसी भी तरह के Calculation को perform करने के लिए अपने  processor के Circuit में लगे transistor का इस्तेमाल करता हैं यह transistor या तो ON state होता हैं या तो OFF state में होता हैं. यहाँ 1 ON state को represent करता हैं जब की 0 OFF state को represent करता हैं. इसी 0 और 1 का इस्तेमाल करके कंप्यूटर अपने सरे काम करता हैं. क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम कंप्यूटर

Binary Digits 0 या 1 का इस्तेमाल Machine Language में program लिखने के लिए भी किया जाता हैं. जहाँ Computer के circuit में लगे हुए यही transistor किसी भी input को bits यानि 0 या 1 के फॉर्म में पहचान जाता हैं और फिर उन bits को Electrical Signal में convert कर data को सभी parts में भेज देते हैं.

कोई भी software जो computer में run करने के लिए बनता हैं. उसे computer में load करने के बाद processor उसे फिर Machine language में convert करता हैं जिसे computer उस language को समझकर task को पूरा करता हैं यही ON और OFF की प्रक्रिया जो कंप्यूटर में चलता हैं इसे ही bits कहा जाता हैं. 

यह था bits का के जानकारी चलिए अब क्वांटम कंप्यूटर के Qubits के बारे में जानते हैं.

  • Qubits (Quantum Digits in क्वांटम कंप्यूटर)

क्वांटम कंप्यूटर में binary digits के जगह पर quantum digits का इस्तेमाल होता हैं जिसे Qubits कहते हैं. इन Qubits में एक Extra function होता हैं जो bits में नहीं होता हैं.

क्वांटम कंप्यूटर Qubit

Bits के case में information दो तरीके से ही store रहता हैं either 0 या 1 यहाँ 0 और 1 के लिए  अलग separate bit चाहिए होता हैं. लेकिन Qubits एक ही समय में 3 तरीके के value को Hold कर सकता हैं या तो एक Qubit 0 होगा या तो 1 होगा और या तो  0 1 दोनों एक ही साथ होगा यानि की एक Qubit एक ही समय पर 4 possibilities को calculate कर सकता हैं.

इसका मतलब logic तैयार करते समय developer एक साथ ही सरे possibilities को check कर सकता हैं जो की क्वांटम कंप्यूटर के Computation की Speed को कही गुना बड़ा देगा.

क्वांटम कंप्यूटर के Qubits की खास बात यह हैं की जब तक इन Qubits को Observe नहीं किया जाता तब तक यह एक ही साथ सभी possible states में होते हैं इसे Spinning state कहा जाता हैं

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Qubit both state

Spinning Qubits के state को 0 और 1 से मापने के बजाय इन्हें Up,Down और Both नाम के तीन state में मापन किया जाता हैं.

आइए इन क्वांटम कंप्यूटर के Qubits को Quantum physics के अनुसार से और भी विस्तार से समझते हैं.

अपने तो परमाणु (Atom) का तो नाम सुना ही होगा यहीं परमाणु Naturally घूमते (spin) रहते हैं या तो ये परमाणु ऊपर (UP) हो सकते हैं या नीचे (Down) हो सकते हैं यही परमाणु का UP और Down spin digital तकनीक 0 और 1 से खूब मेल खाता हैं. 

यहाँ परमाणु UP spin 1 को दर्शाता हैं और Down spin 0 को दर्शाता हैं लेकिन अगर परमाणु के spin को मापन किया जाए तो हम देख सकते हैं की यह परमाणु एक ही समय में उपर और नीचे (UP Spin, DOWN Spin) दोनों तरफ हो सकते हैं इसी UP Spin, DOWN Spin का साथ होना both state होता हैं.

इन क्वांटम कंप्यूटर के Qubits के Functionality Quantum physics के Superposition phenomenon पर based हैं.

जहाँ यह Qubits Quantum entanglement या Quantum Teleportation का इस्तेमाल करके उस समय भी जानकारी आदान प्रदान कर सकते हैं जब वे Physically एक दूसरे Connect ना हो यही खूबी Qubits को Bits से अलग बनता हैं.

Superposition in क्वांटम कंप्यूटर 

हमारे दुनिया को जैसे हम देखते हैं जितना साधारण हमें लगता हैं Quantum physics अनुसार असल में ऐसा हैं नहीं क्योंकि जब हम microscopic Level पर हमारे दुनिया को देखते हैं तब हमे पता चलता हैं की हमारी दुनिया बहुत सूक्ष्म कणों से बना हैं. इन्ही सूक्ष्म कणों को ही quantum particles कहा जाता हैं.

quantum particles की विचित्र बात यह हैं की उस समय वे अलग तरह से बर्ताव करते हैं जब इन्हें observe किया जाता हैं और उस समय बिलकुल अलग तरह बर्ताव करते हैं जब इन्हें observe नहीं किया जाता हैं.

Double Slit Experiment

Double slit प्रयोग इसका सबसे बेहतर उदाहरण हैं. क्योंकि यह हमे दर्शाता हैं की Quantum Particles को जब observe किया जाता हैं तो ये एक particle की तरह बर्ताव करता हैं और जब इन्हें observe नहीं किया जाता हैं तो ये एक Wave की तरह बर्ताव करता हैं. 

इसका ऐसा होने के पीछे कारण यह होता हैं की असल में यह quantum particles ना तो particle होते हैं और ना ही wave होते हैं दरअसल यह अपने सभी possible state में मौजूद होते हैं जिन्हें Wave function भी कहा जाता हैं.

इसका मतलब यह हैं की एक ही समय में ये particle भी होते हैं और wave भी होते हैं लेकिन जब इन्हें हम observe करते हैं तो यह wave Function collapse हो जाता हैं और इनमें से किसी एक state का चुनाव हैं और अंत में वही state हमे Result के रूप में दिखता हैं.

क्वांटम कंप्यूटर Qubits का इस्तेमाल करके प्रकृति में मौजूद इन्ही quantum particles के बर्ताव को ही simulate करता हैं जिससे क्वांटम कंप्यूटर की speed बहुत गुना बड जाता हैं.

ऐसा कैसे होता हैं इसे एक सामान्य उदाहरण से समझते हैं जब हम एक coin को उछालते हैं तो उसके गिरने के बाद उसमे या तो Head आता हैं या फिर Tail आता हैं हमारे Binary computer भी इसी Head और tail के उदाहरण की तरह होते हैं इसलिए complex problem को solve करने के लिए Binary computer में ज्यादा समय लगता हैं जिसमें कई answer आने के Equal chances होते हैं क्योंकि ये बरी बरी से हर possibilities को check करता हैं.

क्वांटम कंप्यूटर parellel spinning state

अब अगर हम क्वांटम कंप्यूटर की बात करे यह बिलकुल अलग तरीके से काम करता हैं इसका उदाहरण  हम coin को उछालते हैं तो Coin spin कर रहा होता हैं उस spin के समय हमे पता नहीं होता coin में head आयेगा या tail आयेगा मतलब यह हैं की जब तक coin spin कर रहा हैं तब तक वह एक ही समय में दोनों State में हैं Qubits को जब तक observe नहीं किया जाता वह भी बिलकुल ऐसे ही State में होते हैं यानि की Qubits एक ही समय में कही possibilities को check सकता हैं.

कहने का मतलब यह हैं की जब तक एक बाइनरी कंप्यूटर Calculation करना शुरू ही करेगा तब तक एक क्वांटम कंप्यूटर Calculation को पूरा करके result भी दे चुका होगा. इसी parallel काम करने के क्षमता को ही super position कहते हैं.

इसका सामान्य तुलना करके देखे तो google का क्वांटम कंप्यूटर हमारे personal computer laptop और desktop से कही Millions गुना ज्यादा तेज़ कम करता हैं.

वैज्ञानिकों के अनुसार सिर्फ 40 qubits का क्वांटम कंप्यूटर हमारे आजके सबसे तेज़ supercomputer जितना तेज़ काम कर सकता हैं इसे आप अंदाजा लगा सकते हैं क्वांटम कंप्यूटर कितना तेज़ काम कर सकता है.

क्वांटम supremacy in क्वांटम कंप्यूटर

क्वांटम supremacy एक प्रयोग हैं जिसका उल्लेख पहली बार California University of Technology के  theoretical physics के professor John preskill के द्वारा 2012 में किया गया था. 

supremacy क्वांटम कंप्यूटर के द्वारा problem solving के ability को दर्शाता हैं जो problem हमारे आज के सबसे तेज़ Supercomputer को solve करने भी कही हज़ारों वर्षो का समय लगेगा. वही problem क्वांटम कंप्यूटर को solve करने में सिर्फ कुछ minutes ही लगेगा.

फिलहाल ऐसे क्वांटम कंप्यूटर का सफल परीक्षण Google के द्वारा 23 oct 2019 को किया गया था जिसका नाम Sycamore हैं. Google के अनुसार Sycamore processor ने जो heavy complex problem को सिर्फ 200 seconds solve किया हैं.

उसी problem को solve करने में आधुनिक supercomputer को 10000 वर्ष लगेगा. इससे हम समझ सकते हैं की क्वांटम supremacy से बना कंप्यूटर कितना तेज़ कम कर सकता हैं.

क्वांटम कंप्यूटर बनाने में आने वाली चुनौतियाँ

 क्वांटम कंप्यूटर का इस्तेमाल करने से हमे ला जबाब speed और ला जबाब calculation करने की क्षमता तो मिलता हैं और इससे कही सरे Companies Attract भी हो रहा हैं.

लेकिन फिर भी क्वांटम कंप्यूटर को आज के समय में बनाना और इसका इस्तेमाल करके काम करना इतना आसान भी नहीं हैं. क्योंकि observe करने पर Qubits का state बदल जाता हैं और इनका इस्तेमाल से काफी ज्यादा मात्रा में शोर उत्पन होता हैं यानि जितना ज्यादा Qubits का इस्तेमाल होगा उतना ही ज्यादा errors होने के chances भी बड जाता हैं.

इस के साथ एक challenge यह भी हैं इनको काम करने की स्थिति में बरकरार रखने के लिए Absolute 0 यानि 0 kelvin या -273 degrees के तापमान के आसपास रखना होता हैं जो की Space से भी अधिक ठंडा होता हैं और इनको इस्तेमाल करने के लिए काफी ज्यादा power की भी आवश्यकता होती हैं यानि के इनका इस्तेमाल काफी ज्यादा ख़रचीला होते हैं.

फिलहाल तो इसका officially इस्तेमाल अभी संभव नहीं हैं Google, Intel, IBM और D-Wave जैसी गिनी चुनी companies ही इस computer बनाकर इसे और ज्यादा develop कर रहे हैं. इसमें कोई शंका नहीं हैं की आने वाले कुछ वर्षो में क्वांटम कंप्यूटर ही computer के जगत में राज करेंगे.

क्वांटम कंप्यूटर और हमारा भविष्य

भले ही क्वांटम कंप्यूटर अपने शुरुआती दौर पर हैं लेकिन इस तकनीक से हमें बहुत लाभ मिल सकता हैं यह कंप्यूटर वह सभी कुछ कर पाने में सक्षम हैं जो आधुनिक Supercomputer के लिए संभव नहीं हैं.

 जैसे की बिलकुल Accurate Weather report, Space Science में Planets  stars और Black hole के बारे में Accurate जानकारी, hacking proof encryption, Medical के क्षेत्र में नयी medicine की खोज और Strong Artificial Intelligence जैसी बढ़ी सफलता भी इससे हमे मिल सकता हैं.

 क्वांटम कंप्यूटर मुख रूप से Artificial Intelligence को और भी ज्यादा बेहतर बनाने में अपना योगदान दे सकता हैं.

इस तकनीक से हमें लाभ तो मिलेगा लेकिन इसका नुकसान भी हैं जैसे इसे किसी भी देश का Cyber security पल भर में ही इसके इस्तेमाल से ध्वस्त हो सकता हैं.

इस कंप्यूटर की तकनीक अगर गलत हाथों में पर जाए तो यह पुरी मानव जाती के लिए एक बहुत बड़ा ख़तरा हो सकता हैं. इसलिए हमें इस तकनीक का इस्तेमाल हमेशा मानव जाती के भलाई और मानवता के विनाश के लिए करना चाहिए.

Conclusion (निष्कर्ष)

आपको क्या लगता हैं क्वांटम कंप्यूटर को और कौन कौन सी जगह इस्तेमाल किया जा सकते हैं और इस तकनीक से मानव जाति कौन से ऊंचाइयों को छू सकता हैं यह बात मुझे comment में ज़रूर बताए. 

लेकिन मेरा मानना हैं की आने वाले कुछ वर्षो में हम इस कंप्यूटर को मुख्य तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे क्योंकि हम मनावो का जिज्ञासा ही इसे और बेहतर बनाने में मदद करेगा. फिलहाल तो अभी हमे अपने classic computer से ही संतुष्ट होना पड़ेगा.

तो ये था क्वांटम कंप्यूटर के इतिहास और काम करने की प्रक्रिया के बारे में कुछ महत्पूर्ण जानकारी जो मैंने आपके के साथ share किया हैं. मुझे आशा हैं की इस महत्वपूर्ण जानकारी को मैं आपको समझा पाया हूँ. 

आपको ये लेख अगर अच्छा लगे तो इसे अपने family friends relative और neighbours के साथ share ज़रूर कीजिए इसे हमारे बीच जागरूकता बढ़ेगी और मुझे भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.

 अगर आपको इस लेख से जुडे कोई प्रश्न हो या इस लेख से संबंधित कोई advice देना हो तो मुझे comment करना ना भुलिएगा और ऐसे ही interesting जानकारी के Update पाने लिए मुझे Subscribe ज़रूर करे. 

धन्यवाद. 

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