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क्वांटम इन्टरनेट क्या हैं what is quantum internet in hindi

दुस्तो Internet का इस्तेमाल तो आप प्रतिदिन करते ही होंगे क्या आप जानते आज हम जो internet का इस्तेमाल कर रहे हैं वे बहुत जल्द ही Replace को सकता हैं एक नई internet से जिसका नाम क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) हैं.

वैसे तो Internet का speed पिछले कुछ वर्षो में देखा जाए तो बहुत बड चुका हैं आज हमारे पास 5G speed internet भी उपलब्ध हैं फिर भी internet का इस्तेमाल करते समय इसमें ज्यादा Traffic होने के करन यह slow  हो जाता हैं और हमारे आज के इस internet Technology में  Security एक बहुत बढ़ी समस्या हैं

 हमारे आज के जो internet technology हैं इसे hack करना hackers के लिए कोई बड़ी बात नही हैं इसी समस्या को हल करने के लिए वैज्ञानिकों ने क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) की खोज कर लिया हैं जो हमें Light के गति जितना तेज़ी से conectivity प्रदान करने में सक्षम हैं इस internet का प्रयोग छोटे स्तर किया गया हैं और वो सफल भी रहा है.

क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) high speed Connectivity के साथ Security के मामले में भी बहुत बढ़िया हैं इसे Hack करना Hackers के लिए बिलकुल नामुम्किन हैं.

यह Internet इतना बढ़िया कैसे हैं इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे तो आइए शुरू करते हैं क्वांटम इन्टरनेट क्या हैं ( what is Quantum internet in hindi ) और यह कैसे काम करता हैं.

क्वांटम इंटरनेट क्या हैं?

क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) हमारे आज के इस्तेमाल होने वाले इन्टरनेट से काफी अलग हैं इसे सरल शब्दों में कहे तो हमारे आज के इन्टरनेट जो डेटा के पैकेट को  bits यानि 0 और 1 के हिसाब से transfer करता हैं वही क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) एक ऐसा इन्टरनेट हैं जो डेटा के पैकेट को Qubits के हिसाब से transfer करता हैं.

 इस internet का इस्तेमाल क्वांटम कंप्यूटर के द्वारा ही किया जा सकता हैं. क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) हमारे आज के इन्टरनेट से बहुत ज्यादा तेजी से data को transfer करता हैं. वैज्ञानिको के अनुसार क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) 1GB Per Second की तेज़ी से डेटा को transfer करता हैं.

 आमतौर पर पारंपरिक कम्प्युटर बाइनरी डिजिट यानि 0 और 1 पर काम करता हैं लेकिन क्वांटम कम्प्युटर ( Quantum Computer in hindi ) क्वांटम मेकानिक्स के सिद्धांत पर काम करता हैं जो Erwin Schrödinger’s the cat experiment paradox पर केंद्रित हैं. ऐसे में Qubits का प्रयोग होता हैं जो की एक बहुत ही दिलचस्प चीज़ हैं.

quantum internet Schrödinger’s the cat experiment paradox
Schrödinger’s the cat experiment paradox

 क्वांटम इंटरनेट का अविष्कार किसने क्या? 

क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) technology का श्रेय चीन के University of Science and Technology of China in Hefei के वैज्ञानिक Jianwei Pan, Yuao Chen और Chengzhi Peng को जाता हैं. 

जिन्होंने कुल 4,600 किलोमीटर की दूरी पर क्वांटम कुंजी वितरण प्राप्त करने के लिए दो ground-to-satellite लिंक के साथ ज़मीन पर 700 से अधिक optical fiber को मिलाकर दुनिया का पहला एकीकृत क्वांटम संचार नेटवर्क स्थापित किया.

क्वांटम इंटरनेट और Qubits के बीच रिश्ता

क्वांटम इंटरनेट और Qubits

Qubits के बारे में अजीब चीज़ ये हैं की यह अनिश्चिताओ से भरा हुआ हैं मतलब यह हैं की हमारे साधारण कंप्यूटर में bits की वैल्यू 0 या 1 दोनों में से कोई एक होता हैं. लेकिन क्वांटम कंप्यूटर में ऐसा नहीं होता हैं क्यिंकि यहाँ पर bits के बदले qubits होता हैं जो एक ही साथ में 0 और 1 दोनों वैल्यू में मोजूद होता हैं. परन्तु qubits में दोनों वैल्यू एक साथ तब तक ही मौजूद होता हैं जब तक कोई निर्धारित वैल्यू इसके उपयोग कर्ता के पास नहीं पहुँच जाता हैं.

Binary Bits
Qubits

इसका मतलब यह हैं की अगर मेंने आपको को क्वांटम कंप्यूटर में लगे हुए क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) का इस्तेमाल करके कोई message sent करता हूँ. तो वह message आपके पास ट्रेवल करते समय 0 और 1 दोनों के वैल्यू को दिखायेगा मगर message जैसे ही आपके पास पहुँच जायगा तब वह 0 या 1 इन दोनों में से जो सही होगा उसे दिखायेगा और अगर इसे बीच में ही किसी हैकर के द्वारा रोक लिया जाए तो यह गलत massege show कर देगा यही खूबी qubits को खास और क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) को unhackable बनता हैं.

Qubits का एक और खास बात यह भी हैं की qubits को एक दुसरे से कितना भी दुरी पर रखा जाए.बाद में वे आपस में उलझ ही जाते हैं. महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन कहते थे की Qubits के यही उलझे हुए कण ही डेटा के अदन प्रदान को सक्षम बनता हैं जो काफी तेज़ होता हैं लगवाग प्रकाश की गति जितना.

 इसी को ही वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने Quantum Teleportation का नाम दिया था. आपको ये जानकर अस्चर्या होगा की टेलिपोर्ट के माध्यम से हम किसी वस्तु को इतनी तेज़ी से स्थानांतरित कर सकता हैं जिसका हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं.

 Quantum Teleportation का एक अस्चर्याचकित करने वाली बात यह भी हैं की इसके इस्तेमाल से हम किसी वस्तु को वास्तविक तौर पर बिना कही भी भेजे ही उस वस्तु को एक जगह से दूसरे जगह पर स्थानांतरित कर सकते हैं.

क्वांटम सुपरपोजिशन और उलझाव क्या हैं?

क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) के दो सबसे प्रासंगिक पहलू  जो सुपरपोजिशन और उलझाव  हैं. 

Super position
  • सुपरपोजिशन : एक चुंबकीय क्षेत्र हैं जिसमें इलेक्ट्रॉन की स्पिन क्षेत्र के साथ संरेखण में होता हैं. जिसे स्पिन-up अवस्था के रूप में जाना जाता हैं,और इसके विपरीत क्षेत्र जिसे स्पिन-down अवस्था के रूप में जाना जाता है. क्वांटम कानून के अनुसार जब एक कण सुपरपोजिशन में प्रवेश करता हैं तब वह ऐसे व्यवहार करता हैं जैसे कि वह दोनों कण एक ही साथ थे. उपयोग की गई प्रत्येक कक्षा 0 और 1 दोनों का सुपरपोजिशन ले सकता हैं.
  • उलझाव : कण जो किसी बिंदु पर परस्पर क्रिया करते हैं. यह एक प्रकार का संबंध बनाए रखते हैं और जो एक दूसरे के साथ जोड़े में उलझ जाते हैं एक प्रक्रिया जिसे सह संबंध के रूप में जाना जाता हैं.

 एक उलझे हुए कण की स्पिन अवस्था up या down  किसी को यह जानने की अनुमति देता हैं कि उसके साथी का स्पिन विपरीत दिशा में हैं क्वांटम उलझाव उन qubits को अनुमति देता हैं जो अविश्वसनीय दूरी से अलग हो जाते हैं ताकि एक दूसरे के साथ तुरंत बातचीत कर सकें. सहसंबद्ध कणों के बीच की दूरी कितनी भी अधिक क्यों न हो, वे तब तक उलझे रहेंगे जब तक वे अलग-थलग हैं.

एक साथ लिया गया, क्वांटम सुपरपोजिशन और उलझाव एक अत्यधिक बढ़ी हुई कंप्यूटिंग शक्ति बनाते हैं. जहां एक साधारण कंप्यूटर में 2-bits रजिस्टर किसी भी समय चार बाइनरी कॉन्फ़िगरेशन (00, 01, 10, या 11) में से केवल एक को स्टोर कर सकता हैं वहा क्वांटम कंप्यूटर में 2-qubits  रजिस्टर सभी चार नंबरों को एक साथ स्टोर कर सकता हैं. क्योंकि प्रत्येक qubit दो मानो का प्रतिनिधित्व करता हैं यदि अधिक qubits जोड़े जाते हैं, तो बढ़ी हुई क्षमता का तेजी से विस्तार होता हैं Qubits का यही अद्भुत बात इसे विज्ञान के दृष्टी में एक करिश्मे जैसा दिखता हैं.

क्वांटम इंटरनेट कैसे काम करता हैं? और यह आज के इंटरनेट से अलग कैसे हैं ?

क्वांटम इंटरनेट का काम

आपको जानकर यह हैरानी होगा की आज जस इन्टरनेट का हम इस्तेमाल कर रहे हैं असल में वह ऑप्टिकल फाइबर जैसे अलग-अलग केबल के द्वारा बनाई गई संरचना हैं जो महासागरो के अन्दर बिछाया हुआ एक केबलो का जाल हैं जो की पूरी प्रथ्वी के कंप्यूटरो को किसी न किसी तरह एक दुसरे से जोड़ता हैं. इसी वजह से इसे हैक करना हकेर्स के लिए आसान हैं. इसके अलावा इसकी एक सीमा हैं जो की इसका धीमा होने का एक मुख्य कारण भी हैं.

लेकिन अगर क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) की बात करे तो यह एक बहुत ही अत्याधुनिक डेटा ट्रान्सफर तकनीक का संरचना हैं. इसी भी तरह से हम आम इन्टरनेट को क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) से तुलना नहीं कर सकते हैं.क्योंकि क्वांटम इन्टरनेट क्वांटम कंप्यूटरो को एक दुसरे के साथ नही जोड़ता हैं.

(अब आपके मन में यह सवाल ज़रूर उठेगा की अगर यह क्वांटम इन्टरनेट क्वांटम कंप्यूटरो को आपस में नहीं जोड़ता तो यह डेटा ट्रान्सफर कैसे करता हैं? ) आपकी जानकारी लिए में बता दूँ की भले ही क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) क्वांटम कंप्यूटरो को भौतिक रूप से नहीं जोड़ता हैं लेकिन ये सूक्ष्म रूप से आपस जुड़े हुए ज़रूर होते हैं. इसी वजह से क्वांटम इन्टरनेट में डेटा पैकेट को ट्रान्सफर के लिए जिम्मेदार Qubits भी एक दूसरे से दूर रहने के बावजूद भी एक दूसरे से जुड़े होते हैं. 

फिर भी सोचन वाली बात यह हैं की क्वांटम इन्टरनेट को चलायमान रखने के लिए दो qubits के बिच कनेक्शन बनाए रखना बहुत ही कठिन काम हैं.हल्के से हल्का कंपन या तरंग इस कनेक्शन को असफल कर सकता हैं इसीलिए इस बात को ध्यान में रखना बहुत ही ज़रूरी हैं की क्वांटम इन्टरनेट को सही तरीके से चलायमान रखने के लिए क्वांटम memory का होने भी ज़रूरी हैं.

 यह क्वांटम मेमोरी क्या हैं? इसके बारे में आगे जानते लेते हैं.

क्वांटम मेमोरी क्या हैं?

क्वांटम मेमोरी

इसे आसान भाषा में कहे तो क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) में डेटा को स्टोर करने वाली उपकरण को ही क्वांटम मेमोरी कहते हैं.

कुछ साल पहले ही वैज्ञानिको ने 50 KM लंबी ऑप्टिकल फाइबर इन्टरनेट की क्वांटम मेमोरी को निकलने में सफल रहे हैं. आपको बता दूँ की आम इन्टरनेट का भी क्वांटम मेमोरी होती है और इसे बाहर निकला भी जा सकता हैं.

वैज्ञानिक क्वांटम मेमोरी को सफलता पूर्वक निकलने के लिए प्रकाश के कणों यानि Photons का इस्तेमाल करते हैं.

Photon के इस्तेमाल के ज़रिए ही किसी भी अणु को उर्जा के द्वारा उत्तेजित किया जाता हैं जिससे यह qubits के उलझे हुए संरचना को आसानी से सुलझा देता हैं फिर वैज्ञानिक Photons के तीव्रता को संतुलित अवस्था में ले आते हैं और इसी तरह उस जगह पर मौजूद qubits को एक साथ इक्कठा किया जाता हैं.

इसी प्रक्रिया के बाद ही Photon को पहले की तरह फिर से ऑप्टिकल फाइबर के भीतर आगे बढ़ने के लिए छोड़ जाता हैं. देखा जाए तो यह क्वांटम मेमोरी को निकलने का प्रक्रिया उतना मुश्किल भी नहीं हैं.

क्या क्वांटम उलझाव प्रकाश की गति का उल्लंघन करता है?

क्वांटम उलझाव और प्रकाश की गति

क्वांटम उलझाव कणों को लंबी दूरी पर तुरंत ढहने का कारण बन सकता है, हम इसका उपयोग प्रकाश की गति से तेज गति से सूचना के परिवहन के लिए नहीं कर सकते यह पता चला हैं कि डेटा भेजने के लिए केवल उलझाव ही पर्याप्त नहीं हैं उदाहरण के लिए क्वांटम टेलीपोर्टेशन क्वांटम state को लंबी दूरी पर स्थानांतरित करने के लिए उलझाव का उपयोग करता हैं.

 हालाँकि टेलीपोर्टेशन के लिए उलझे हुई Qubits के अलावा भी एक क्लासिकल bits की आवश्यकता होता हैं इसलिए जबकि उलझाव तत्काल संचालित होता हैं सूचना हस्तांतरण शास्त्रीय सूचना की गति से सीमित होता हैं जो प्रकाश की गति से यात्रा करता हैं.

क्वांटम इंटरनेट का लाभ क्या हैं

क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) लाभ तो कही सरे हैं पर इनमें से जो मुख्य लाभ हैं हम उनके  बारे में बात करेंगे.

क्वांटम इंटरनेट का लाभ क्या हैं
  • क्वांटम इन्टरनेट का बड़ा लाभ इसका सुरक्षा हैं जो कभी भी हैक नहीं किया जा सकता.
  •  इस इन्टरनेट का इस्तेमाल करते समय speed slow होने का कोई भी समस्या नहीं होता हैं चाहे कितने लोग ही क्यों ना एक साथ इस्तेमाल करे.
  • क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) इस्तेमाल से heavy online softwares को बिना को परेशानी से चला सकते हैं.
  • Encryption और cryptography को क्वांटम इन्टरनेट और क्वांटम कंप्यूटर के मदद से और भी ज्यादा बेहतर बना सकते हैं.

क्वांटम इंटरनेट के एप्लिकेशन क्या हैं? 

क्वांटम इंटरनेट ( Quantum Internet in hindi ) मौजूदा और नए अनुप्रयोगों के सबसेट के लिए बेहद फायदेमंद होने की उम्मीद हैं.

हम शब्दों के व्यापक अर्थ में एप्लिकेशन का उपयोग करते हैं और ओपन सिस्टम इंटरकनेक्ट (ओएसआई) मॉडल के लेयर्स 4 (ट्रांसपोर्ट) से लेयर्स 7 (एप्लिकेशन) में आमतौर पर निहित कार्यक्षमता शामिल हैं.

क्वांटम इंटरनेट का उपयोग करने वाले अपेक्षित एप्लिकेशन अभी भी विकसित किया जा रहा हैं हालाँकि इस इंटरनेट पर समर्पित होने वाले अनुप्रयोगों की एक प्रारंभिक और गैर-विस्तृत सूची को विभिन्न योजनाओं के उपयोग से किया जा सकता हैं.

क्वांटम नेटवर्क की Companies 

क्वांटम नेटवर्क टॉप 5 companies जो हाइब्रिड-शास्त्रीय क्वांटम आर्किटेक्चर, क्वांटम ट्रांसड्यूसर, क्वांटम मेमोरी, क्वांटम नेटवर्क एंड-टू-एंड ट्रांसपोर्ट अखंडता और बेहतर विश्वसनीयता, क्वांटम नेटवर्क के लिए ऑपरेशन मॉडल, क्वांटम नेटवर्क प्रबंधन और संचालन, क्वांटम संचार के लिए अनुकूलित प्रोटोकॉल, क्वांटम एल्गोरिदम जैसे विषय पर काम करते हैं.

  •  Cisco
  • Aliro Quantum
  • Qunnect
  • Verizon
  • Toshiba

Conclusion ( निष्कर्ष )

तो यह थे क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) से जुडी कुछ जानकारी. आपको क्या लगता हैं क्वांटम इन्टरनेट ( Quantum Internet in hindi ) को हैक करना मुमकिन हैं मुझे comment करके ज़रूर बताए.

मुझे आशा हैं की इस महेत्पूर्ण जानकारी को मैं आपको समझा पाया हूँ. आपको ये लेख अगर अच्छा लगे  तो इसे अपने family friends relative और neighbours के साथ share ज़रूर कीजिए इसे हमारे बीच जागरूकता बढ़ेगी और मुझे भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.

 अगर आपको इस लेख से जुडे कोई प्रश्न हो या इस लेख से संबंधित कोई advice देना हो तो मुझे comment करना ना भुलिएगा और ऐसे ही interesting जानकारी के Update पाने लिए मुझे Subscribe ज़रूर करे. 
धन्यवाद”

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